नंदिवर्मन तृतीय (Nandivarman III)
नंदिवर्मन तृतीय (846-869 ई.) नंदिवर्मन तृतीय (846-869 ई.) पल्लव वंश का अंतिम शक्तिशाली शासक था, […]
नंदिवर्मन तृतीय (846-869 ई.) नंदिवर्मन तृतीय (846-869 ई.) पल्लव वंश का अंतिम शक्तिशाली शासक था, […]
दंतिवर्मन (796-847 ई.) नंदिवर्मन द्वितीय का पुत्र दंतिवर्मन (796-847 ई.), जो राष्ट्रकूट राजकुमारी रेवा से
नंदिवर्मन द्वितीय (730–796 ई.) परमेश्वरवर्मन द्वितीय की मृत्यु के बाद पल्लव राज्य में राजनीतिक संकट
नरसिंहवर्मन प्रथम (630-668 ई.) नरसिंहवर्मन प्रथम (630-668 ई.) पल्लव वंश का एक महत्त्वपूर्ण शासक था,
महेंद्रवर्मन प्रथम (600-630 ई.) महेंद्रवर्मन प्रथम (600-630 ई.) पल्लव वंश का एक महान राजा था,
पल्लवकालीन सांस्कृतिक उपलब्धियाँ पल्लव राजवंश दक्षिण भारत का एक प्रमुख एवं शक्तिशाली राजवंश था, जिसने
पल्लवकालीन सांस्कृतिक उपलब्धियाँ (Cultural Achievements of the Pallava Period) Read More »
दक्कन क्षेत्र, विशेष रूप से कर्नाटक में, 1156 से 1181 ई. तक एक अन्य कलचुरि
कल्याणी के कलचुरि (Kalachuris of Kalyani, 1156-1181 A.D.) Read More »
त्रिपुरी के कलचुरि (675–1212 ई.) त्रिपुरी के कलचुरि राजवंश का भारत के इतिहास में महत्त्वपूर्ण
रायपुर के कलचुरि : लहुरी शाखा रायपुर की कलचुरि (लहुरी शाखा) का इतिहास छत्तीसगढ़ के