पुलकेशिन् द्वितीय के बाद वातापी के चालुक्य (Chalukya of Vatapi After Pulakeshin II)

642-43 ई. के लगभग पुलकेशिन् द्वितीय की पराजय और उसकी मृत्यु के उपरांत लगभग तेरह वर्ष तक वातापि के चालुक्य राजवंश का इतिहास…

नूरजहाँ: मुगल राजनीति पर उसका प्रभाव (Nur Jahan: Her Influence on Mughal Politics)

मध्यकालीन भारत में जिन महिलाओं ने दरबारी राजनीति और सांस्कृतिक जीवन को प्रभावित किया है, उनमें नूरजहाँ सर्वोपरि है। अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व तथा…

औपनिवेशिक भारत में शहरीकरण: मद्रास, बंबई और कलकत्ता (Urbanization in Colonial India: Madras, Bombay and Calcutta)

इस आलेख में औपनिवेशिक भारत में शहरीकरण की प्रक्रिया, औपनिवेशिक शहरों की चारित्रिक विशिष्टताओं और तीन बड़े शहरों- मद्रास, कलकत्ता तथा बंबई के…

सामाजिक अंतर्विरोध एवं वर्ण व्यवस्था का उद्भव (Social Contradiction and Emergence of Varna System)

उत्तर-पूर्व से पशुचारी आर्य जनजातियों के भारत में प्रवेश का सिलसिला हड़प्पा सभ्यता के पराभव के कुछ शताब्दियों बाद शुरू हुआ। आर्यों के…

चालुक्य राजवंश (Chalukya Dynasty)

छठीं शताब्दी ईस्वी के मध्यकाल में संपूर्ण भारतीय प्रायद्वीप में राजनीतिक विकेंद्रीकरण का एक महत्त्वपूर्ण सिलसिला शुरू हुआ। जिस समय उत्तरी भारत में…