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यह वेबसाइट historyguruji.com आप सबके सामने इतिहास की अधिकतम जानकारी प्रस्तुत करने का एक प्रयास है. यह विश्वविद्यालयी विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनेवाले छात्रों के लिए भी उपयोगी साबित हो, इसका ध्यान रखा गया है और इतिहास के प्रायः सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को एक ही स्थान पर उपलब्ध करने का प्रयास किया गया है.

कुछ अच्छी किताबें

गुप्त काल में कला और वास्तुकला का विकास

गुप्तकाल में कला की विविध विधाओं जैसे वास्तुकला, मूर्तिकला, चित्रकला, मृद्भांड कला आदि में अभूतपूर्व प्रगति हुई।

गुप्तकालीन कला के विकास में अनेक मौलिक तत्व देखे जा सकते हैं, जिसमें विशेष यह है कि ईंटों के स्थान पर पत्थरों का प्रयोग किया गया।

गुप्तकालीन भारतीय समाज

गुप्तकालीन भारतीय समाज (Indian Society in the Gupta Period) परंपरागत चार वर्णों- ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं शूद्र में विभाजित था।

पहले की तरह गुप्त काल में भी ब्राह्मणों को समाज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त था। गुप्तकाल के पहले ब्राह्मण का केवल छः कार्य था- अध्ययन, अध्यापन, पूजा-पाठ कराना, यज्ञ कराना, दान देना और दान लेना।

प्रथम विश्वयुद्ध

विश्वयुद्ध(world War) की आशंका बहुत समय पहले से ही थी। बिस्मार्क ने 1898 में हर बेलिन से इस युद्ध के बारे में भविष्यवाणी की थी: ‘‘मैं विश्वयुद्ध नहीं देखूंगा पर तुम देखोगे और यह पश्चिमी एशिया में प्रारंभ होगा।’’ 

अंतरिम सरकार: कांग्रेस और मुस्लिम लीग

नेहरू के नेतृत्ववाली अंतरिम सरकार (Interim Government) में शामिल मुस्लिम लीग के मंत्रियों की सरकार-भंजक कार्यशैली से स्पष्ट हो गया कि लीग और जिन्ना का उद्देश्य किसी भी तरह पृथक् पाकिस्तान का निर्माण है।


फाह्यान का यात्रा-विवरण

चीनी यात्री फाह्यान ने चंद्रगुप्त द्वितीय के राज्यकाल में 400-411 ई. के बीच भारत का भ्रमण किया था।फाह्यान का जन्म शान-सी प्रदेश के ग्राम वु-यंग में हुआ था।

कांनसू, तुन-हुआंग नगर की यात्राकर फाह्यान शेनशेन और कारा शहर होता हुआ खोतान के दक्षिणी भाग तक जा पहुँचा।

भारत में फाह्यान मथुरा एवं संकिसा (फर्रुखाबाद) गया। वहाँ से श्रावस्ती, कपिलवस्तु, कुशीनारा एवं वैशाली होता हुआ पाटलिपुत्र पहुँचा।

लुई नेपोलियन 3

नेपोलियन तृतीय

नेपोलियन महान् का भतीजा चार्ल्स लुई नेपोलियन 1848 ई. की क्रांति के बाद द्वितीय फ्रांसीसी गणराज्य का राष्ट्रपति तथा 2 दिसंबर 1852 ई. को नेपोलियन तृतीय के नाम से द्वितीय फ्रांसीसी साम्राज्य (Second French Empire) की स्थापना कर फ्रांस का सम्राट (Emperor of the French) बन गया।

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