वेंगी का (पूर्वी) चालुक्य राजवंश (Vengi’s (Eastern) Chalukya Dynasty)

वेंगी का प्राचीन चालुक्य राज्य मुख्यतः कृष्णा एवं गोदावरी नदियों के बीच के क्षेत्र में विस्तृत था। इसकी राजधानी वेंगी (वेंगिपुर) में थी…

कल्याणी का चालुक्य राजवंश या पश्चिमी चालुक्य भाग-4 (Chalukya Dynasty of Kalyani or Western Chalukya Part-4)

विक्रमादित्य षष्ठ, 1076-1126 ई. (Vikramaditya VI, 1076-1126 AD.) विक्रमादित्य षष्ठ को स्वाभाविक उत्तराधिकार में राजसिंहासन नहीं मिला था, बल्कि अपने अग्रज सोमेश्वर द्वितीय…

कल्याणी का चालुक्य राजवंश या पश्चिमी चालुक्य भाग-3 (Chalukya Dynasty of Kalyani or Western Chalukya Part-3)

सोमेश्वर प्रथम, 1042-1068 ई. (Someshwara I, 1042-1068 AD.) जयसिंह द्वितीय के बाद उसका पुत्र सोमेश्वर प्रथम 1042 ई. में राजगद्दी पर बैठा। वह…

कल्याणी का चालुक्य राजवंश या पश्चिमी चालुक्य भाग-2 (Chalukya Dynasty of Kalyani or Western Chalukya Part-2)

सत्याश्रय, 997-1008 ई. (Satyasraya, 997-1008 AD.) तैलप द्वितीय के पश्चात् उसका बड़ा पुत्र सत्याश्रय 997 ई. में राजा हुआ। उसने ‘आहवमल्ल’, ‘अकलंकचरित्र’ तथा…

कल्याणी का चालुक्य राजवंश या पश्चिमी चालुक्य भाग-1 (Chalukya Dynasty of Kalyani or Western Chalukya Part-1)

10वीं शताब्दी के अंतिम चरण में कल्याणी या कल्याण में भी चालुक्यों की एक शाखा का राजनीतिक उत्कर्ष हुआ। उस समय दक्षिणापथ की…

पुलकेशिन् द्वितीय के बाद वातापी के चालुक्य (Chalukya of Vatapi After Pulakeshin II)

642-43 ई. के लगभग पुलकेशिन् द्वितीय की पराजय और उसकी मृत्यु के उपरांत लगभग तेरह वर्ष तक वातापी के चालुक्य राजवंश का इतिहास…

नूरजहाँ: मुगल राजनीति पर उसका प्रभाव (Nur Jahan: Her Influence on Mughal Politics)

मध्यकालीन भारत में जिन महिलाओं ने दरबारी राजनीति और सांस्कृतिक जीवन को प्रभावित किया है, उनमें नूरजहाँ सर्वोपरि है। अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व तथा…

औपनिवेशिक भारत में शहरीकरण: मद्रास, बंबई और कलकत्ता (Urbanization in Colonial India: Madras, Bombay and Calcutta)

इस आलेख में औपनिवेशिक भारत में शहरीकरण की प्रक्रिया, औपनिवेशिक शहरों की चारित्रिक विशिष्टताओं और तीन बड़े शहरों- मद्रास, कलकत्ता तथा बंबई के…