गुप्तकालीन साहित्यिक एवं वैज्ञानिक प्रगति (Literary and Scientific Progress in Gupta Period)

साहित्यिक विकास की दृष्टि से गुप्तकाल बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इस समय संस्कृत को आधिकारिक भाषा स्वीकार कर लिया गया और गुप्त नरेशों…

गुप्तकालीन धर्म और धार्मिक जीवन (Religion and Religious Life in Gupta Period)

गुप्तकाल को प्रायः ब्राह्मण धर्म के पुनरुत्थान का चरमोत्कर्ष माना जाता है। गुप्त सम्राटों में कुछ वैष्णव, कुछ शैव और कुछ बौद्ध थे।…

गुप्तकालीन सामाजिक जीवन (Social Life in Gupta Period)

गुप्तकालीन भारतीय समाज परंपरागत चार वर्णों- ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं शूद्र में विभाजित था। पहले की तरह ब्राह्मणों को इस समय भी समाज…

गुप्त प्रशासन और आर्थिक जीवन (Gupta Administration and Economic Life)

गुप्तकाल में भारत ने राजनैतिक, सामाजिक एवं भौतिक उन्नति के चरमोत्कर्ष का साक्षात्कार किया। अपने उत्कर्ष-काल में यह साम्राज्य उत्तर में हिमालय से…

परवर्ती गुप्त सम्राट और गुप्त राजवंश का अवसान (Later Gupta Emperors and the End of the Gupta Dynasty)

स्कंदगुप्त की मृत्यु के बाद गुप्त राजवंश का सूरज अस्ताचल की ओर गतिमान हुआ। यद्यपि स्कंदगुप्त के पश्चात् गुप्त शासकों के नाम अभिलेखों…

कुमारगुप्त प्रथम ‘महेंद्रादित्य’ (Kumaragupta I ‘Mahendraditya’)

चंद्रगुप्त द्वितीय के बाद कुमारगुप्त 415 ई. में सत्तारूढ़ हुआ जो बिलसद स्तंभलेख के अनुसार उसकी पट्टमहादेवी ध्रुवदेवी से उत्पन्न सबसे बड़ा पुत्र…

चंद्रगुप्त द्वितीय ‘विक्रमादित्य’ (Chandragupta II ‘Vikramaditya’)

समुद्रगुप्त की प्रधान महिषी दत्तदेवी से उत्पन्न पुत्र चंद्रगुप्त द्वितीय असाधारण प्रतिभा, अदम्य उत्साह एवं विलक्षण पौरुष से युक्त था। गुप्त अभिलेखों से…