जैन धर्म और भगवान् महावीर (Jainism and Lord Mahavira)

छठी शताब्दी ई.पू. के संप्रदायों में प्राचीनतम् संप्रदाय निगंठों अथवा जैनों का था। जैन परंपरानुसार इस धर्म में 24 तीर्थंकर हुए हैं। महावीरपूर्व…

ई.पू. छठी शताब्दी में बौद्धिक आंदोलन (Intellectual Movement in the Sixth Century BC)

बौद्धिक आंदोलन (Intellectual Movement) ई.पू. छठी शताब्दी प्राचीन भारत के इतिहास में एक सीमा-चिन्ह है क्योंकि इस काल में एक ओर उत्तर भारत…

उत्तर वैदिककालीन संस्कृति ई.पू. 1000-500 (Post-Vedic Culture 1000–500 BC)

ऋक्-संहिता से इतर संहिता ग्रंथों, ब्राह्मणों, आरण्यकों, उपनिषदों का रचनाकाल लगभग ई.पू. 1000 से 500 ई.पू. माना जाता है। उत्तर वैदिककालीन साहित्य के…

वैदिक साहित्य में वर्णित भारतीय संस्कृति : ऋग्वेदकालीन संस्कृति (Indian Culture Described in Vedic Literature: Rigvedic Culture)

वैदिक काल प्राचीन भारतीय संस्कृति का वह कालखंड माना जाता है, जब वेदों की रचना हुई थी। इस कालखंड की संस्कृति को वैदिक…

ताम्र-पाषाणिक पशुचारी-कृषक संस्कृतियाँ (Copper-Stone Cattle Cultivator Cultures)

हड़प्पा सभ्यता के पतन के बाद सिंधु क्षेत्र के बाहर अनेक ग्राम्य-संस्कृतियाँ अस्तित्व में आईं। चूंकि इन पशुचारी-कृषक संस्कृतियों के लोग पत्थर और…

सिंधुघाटी की सभ्यता : कला-स्थापत्य एवं धार्मिक जीवन (Indus Valley Civilization: Art-Architecture and Religious Life)

सैंधव सभ्यता में कला के विभिन्न रूपों का भी सम्यक् विकास हुआ था। हड़प्पाई कला के विविध पक्षों का विकसित रूप इस सभ्यता…

सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख तत्त्व (The Main Elements of the Indus Valley Civilization)

नगर-निर्माण योजना (The City Planning) सैंधव सभ्यता की सबसे प्रमुख विशेषता थी यहाँ की विकसित नगर-निर्माण योजना। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, चांहूदड़ो, लोथल, कालीबंगा और…