नंदिवर्मन द्वितीय (Nandivarman II)
नंदिवर्मन द्वितीय (730–796 ई.) परमेश्वरवर्मन द्वितीय की मृत्यु के बाद पल्लव राज्य में राजनीतिक संकट […]
नंदिवर्मन द्वितीय (730–796 ई.) परमेश्वरवर्मन द्वितीय की मृत्यु के बाद पल्लव राज्य में राजनीतिक संकट […]
नरसिंहवर्मन प्रथम (630-668 ई.) नरसिंहवर्मन प्रथम (630-668 ई.) पल्लव वंश का एक महत्त्वपूर्ण शासक था,
महेंद्रवर्मन प्रथम (600-630 ई.) महेंद्रवर्मन प्रथम (600-630 ई.) पल्लव वंश का एक महान राजा था,
पल्लवकालीन सांस्कृतिक उपलब्धियाँ पल्लव राजवंश दक्षिण भारत का एक प्रमुख एवं शक्तिशाली राजवंश था, जिसने
पल्लवकालीन सांस्कृतिक उपलब्धियाँ (Cultural Achievements of the Pallava Period) Read More »
दक्कन क्षेत्र, विशेष रूप से कर्नाटक में, 1156 से 1181 ई. तक एक अन्य कलचुरी
कल्याणी के कलचुरी (Kalachuris of Kalyani, 1156-1181 A.D.) Read More »
त्रिपुरी के कलचुरी (675–1212 ई.) त्रिपुरी के कलचुरी राजवंश का भारत के इतिहास में महत्त्वपूर्ण
रायपुर के कलचुरी : लहुरी शाखा रायपुर की कलचुरी (लहुरी शाखा) का इतिहास छत्तीसगढ़ के
रतनपुर के कलचुरी (1000–1741 ई.) छत्तीसगढ़ में कलचुरी शासन की नींव त्रिपुरी के कलचुरी शासक
रतनपुर के कलचुरी (Kalachuris of Ratanpur, 1000–1741 AD) Read More »
छत्तीसगढ़ के कलचुरी : रतनपुर और रायपुर शाखा छत्तीसगढ़ भारत के इतिहास में एक समृद्ध