अठारहवीं शताब्दी में भारत (India in the Eighteenth Century)
अठारहवीं सदी में भारत अभी हाल तक भारतीय इतिहास में अठारहवीं सदी को एक ‘अंधकार […]
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अठारहवीं सदी में भारत अभी हाल तक भारतीय इतिहास में अठारहवीं सदी को एक ‘अंधकार […]
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बंगाल में क्रांतिकारी गतिविधियाँ बीसवीं सदी के तीसरे दशक में बंगाल में कांग्रेसी नेतृत्व दो
बंगाल में क्रांतिकारी गतिविधियाँ (Revolutionary Activities in Bengal) Read More »
एच.आर.ए., एच.एस.आर.ए. और भगतसिंह प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान क्रांतिकारी आंदोलनकारियों को बुरी तरह कुचल दिया
क्रांतिकारी आंदोलन का पुनरोदय (Revival of the Revolutionary Movement) Read More »
सांप्रदायिकता का अर्थ ‘सांप्रदायिकता’ से तात्पर्य उस संकीर्ण मानसिकता से है, जो धर्म और संप्रदाय
भारत में सांप्रदायिकता के उदय के कारण (Reasons for the Rise of Communalism in India) Read More »
आदिवासी विद्रोह आदिवासी विद्रोह का आरंभ अंग्रेजी साम्राज्य की स्थापना के साथ शुरू हो गया
1857 के बाद आदिवासी विद्रोह (Tribal Rebellion After 1857) Read More »
स्वराज पार्टी ( मार्च 1923) फरवरी 1922 में असहयोग आंदोलन की वापसी के बाद कांग्रेस
वामपंथी राजनीति वामपंथी राजनीति उस पक्ष या विचारधारा को कहते हैं जो समाज को बदलकर
भारत में वामपंथ का उदय और विकास (The Rise and Development of the Left in India) Read More »
1919 से 1922 के बीच अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध दो सशक्त जन-आंदोलन चलाये गये- खिलाफत
मगध मगध महाजनपद प्राचीन भारत में एक प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक जागृति का केंद्र