प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ क्षेत्र दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता था। इसका पौराणिक इतिहास महाभारत और रामायण जितना प्राचीन है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान राम ने अपने 14 वर्षीय वनवास के दौरान कुछ समय इस क्षेत्र में व्यतीत किया था।
छत्तीसगढ़ का लिखित इतिहास चौथी शताब्दी ईस्वी तक जाता है। सरभपुरिया, पांडुवंशी, सोमवंशी, कलचुरी और नागवंशी जैसे राजवंशों ने छठी से बारहवीं शताब्दी ईस्वी के दौरान इस क्षेत्र पर शासन किया। मध्यकाल में दक्षिण कोसल को गोंडवाना के नाम से भी जाना जाता था। बाद में, यह क्षेत्र कलचुरी साम्राज्य का हिस्सा बना। चौदहवीं शताब्दी ईस्वी के मुस्लिम इतिहासकारों ने इस क्षेत्र पर शासन करने वाले राजवंशों का विस्तृत वर्णन किया है।
‘छत्तीसगढ़’ शब्द का प्रचलन मराठा काल में हुआ और इसका पहला आधिकारिक उपयोग 1795 ई. के एक दस्तावेज में मिलता है। उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में अंग्रेजों ने इस क्षेत्र में प्रवेश किया और अधिकांश क्षेत्र को मध्य प्रांत में शामिल कर लिया। 1854 ई. के बाद, अंग्रेजों ने रायपुर को अपना प्रशासनिक केंद्र बनाया। छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 1 नवंबर 2000 को हुआ।
छत्तीसगढ़ का कलचुरी राजवंश (Kalchuri Dynasty of Chhattisgarh)
प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ क्षेत्र दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता था। इसका पौराणिक […]


सिंधुघाटी की सभ्यता (Indus Valley Civilization)
5 years ago

खिलजी वंश (Khilji Dynasty, 1290-1320)
5 years ago
Uncategorized
34
आधुनिक भारत का इतिहास
33
आधुनिक भारत बहुविकल्पीय प्रश्न
0
आधुनिक विश्व का इतिहास
22
प्राचीन भारत का इतिहास
129
प्राचीन भारत बहुविकल्पीय प्रश्न
15
प्राचीन विश्व की सभ्यताएँ
4
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
58
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन बहुविकल्पीय प्रश्न
2
मध्यकालीन भारत का इतिहास
31
मध्यकालीन भारत बहुवैकल्पिक प्रश्न
9
विविध
28
विश्व इतिहास
31