अमोघवर्ष द्वितीय, गोविंद चतुर्थ और अमोघवर्ष तृतीय (Amoghavarsha II, Govind IV and Amoghavarsha III)
अमोघवर्ष द्वितीय, गोविंद चतुर्थ और अमोघवर्ष तृतीय (929–939 ई.) मुख्य लेख : राष्ट्रकूट राजवंश अमोघवर्ष
अमोघवर्ष द्वितीय, गोविंद चतुर्थ और अमोघवर्ष तृतीय (929–939 ई.) मुख्य लेख : राष्ट्रकूट राजवंश अमोघवर्ष
इंद्र तृतीय (914–929 ई.) मुख्य लेख : राष्ट्रकूट राजवंश कृष्ण द्वितीय के पश्चात् उसका पौत्र
कृष्ण द्वितीय (880–914 ई.) मुख्य लेख : राष्ट्रकूट राजवंश अमोघवर्ष के पश्चात् उसका पुत्र कृष्ण
अमोघवर्ष प्रथम (814–878 ई.) मुख्य लेख : राष्ट्रकूट राजवंश अमोघवर्ष प्रथम (814–878 ई.) राष्ट्रकूट वंश
गोविंद तृतीय (793–814 ई.) मुख्य लेख : राष्ट्रकूट राजवंश ध्रुव प्रथम के कई पुत्र थे,
ध्रुव ‘धारावर्ष’ (780–793 ई.) मुख्य लेख : राष्ट्रकूट राजवंश अपने अग्रज गोविंद द्वितीय को अपदस्थ
कृष्ण प्रथम (756–774 ई.) मुख्य लेख : राष्ट्रकूट राजवंश चित्तलदुर्ग से प्राप्त एक लेख के
दंतिदुर्ग (735–756 ई.) मुख्य लेख : राष्ट्रकूट राजवंश दंतिदुर्ग दक्षिण भारत के प्रसिद्ध राष्ट्रकूट राजवंश
गुर्जर प्रतिहार राजवंश हर्षोत्तर काल में गुर्जरात्रा प्रदेश में प्रतिहार राजवंश का उदय हुआ, जो
गुर्जर प्रतिहार राजवंश (The Gurjara Pratihara Dynasty) Read More »