पल्लव राजवंश का राजनीतिक इतिहास (Political History of Pallava Dynasty)
आंध्र-सातवाहनों के पतन के बाद दक्षिण में उदित होने वाले राजवंशों में पल्लवों का विशिष्ट […]
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आठवीं शती के मध्य में भारत के पूर्वी भाग में जिस शक्तिशाली और महत्वपूर्ण साम्राज्य
बंगाल के पाल (Palas of Bengal, 800-1200 AD) Read More »
कदंब राजवंश (345-540 ईस्वी) कदंब राजवंश प्राचीन भारत का एक राजसी ब्राह्मण परिवार था, जिसने
बनवासी का कदंब राजवंश (Kadamba Dynasty of Banavasi) Read More »
12वीं शताब्दी के मध्य में भारत के बंगाल में सेन राजवंश ने अपना प्रभुत्व स्थापित
बंगाल का सेन वंश (Sen Dynasty of Bengal) Read More »
राष्ट्रकूट राजवंश ने लगभग दो सौ वर्षों से अधिक समय तक भारतीय उपमहाद्वीप के एक
राष्ट्रकूट राजवंश का राजनीतिक इतिहास (Political History of Rashtrakuta Dynasty) Read More »
खोट्टिग (967-972 ई.) कृष्ण तृतीय नि:सन्तान मरा था। करहद अभिलेख (शक संवत् 894) के अनुसार
राष्ट्रकूट राजवंश का पतन (Fall of Rashtrakuta Dynasty) Read More »
अमोघवर्ष तृतीय के बाद उसका ज्येष्ठ पुत्र और युवराज कृष्ण तृतीय 939 ई. में राष्ट्रकूट
कृष्ण तृतीय (Krishna III, 939-967 AD) Read More »
अमोघवर्ष द्वितीय (929-930 ई.) इंद्र तृतीय के पश्चात् उसका ज्येष्ठ पुत्र अमोघवर्ष द्वितीय 928 ई.
कृष्ण द्वितीय के पश्चात् उसका पौत्र इंद्र तृतीय (914-929 ई.) राजा बना, क्योंकि उसके करहद
इंद्र तृतीय (Indra III, 914-929 AD) Read More »