नाथपंथ पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न-2 (MCQs on Nathpanth-2)

नाथ पंथ  
नाथपंथ नाथपंथ, जिसे नाथ संप्रदाय भी कहा जाता है, भारत की एक प्राचीन योग-प्रधान धार्मिक […]

नाथपंथ

नाथपंथ, जिसे नाथ संप्रदाय भी कहा जाता है, भारत की एक प्राचीन योग-प्रधान धार्मिक परंपरा है, जिसकी परंपरा में भगवान शिव को आदिनाथ और आदिगुरु माना जाता है। इस संप्रदाय का मुख्य उद्देश्य योग, साधना और आत्मानुशासन के माध्यम से आत्मज्ञान तथा मोक्ष की प्राप्ति करना है। मध्यकाल में मत्स्येंद्रनाथ और उनके प्रमुख शिष्य गोरखनाथ ने नाथ परंपरा को व्यापक रूप से संगठित और लोकप्रिय बनाया। नाथपंथ में हठयोग, ध्यान, प्राणायाम, कुंडलिनी साधना तथा शरीर और मन के अनुशासन पर विशेष बल दिया जाता है। नाथ योगियों ने जाति-पाँति, ऊँच-नीच और बाहरी आडंबरों की अपेक्षा साधना, आत्मसंयम और आध्यात्मिक अनुभव को अधिक महत्त्व दिया। इस संप्रदाय के अनेक साधु कान छिदवाते हैं, इसलिए उन्हें कनफटा योगी या दर्शनी योगी भी कहा जाता है। नाथ परंपरा से मत्स्येंद्रनाथ, गोरखनाथ, जालंधरनाथ, चौरंगीनाथ, चरपटनाथ और भर्तृहरि जैसे सिद्ध योगियों का नाम जुड़ा हुआ है। विशेष रूप से गोरखनाथ ने नाथपंथ और हठयोग की परंपरा को भारत के विभिन्न क्षेत्रों में लोकप्रिय बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस प्रकार नाथपंथ ने भारतीय धार्मिक, योगिक और लोक-सांस्कृतिक परंपराओं के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।

नई शिक्षा नीति-2020 के अनुसार दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर की बी.ए., बी.एस-सी. एवं बी.काम. की सेमेस्टर परीक्षाओं में ‘नाथपंथ (संप्रदाय)’ पर आधारित महत्त्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

1.. भगवतगीता किससे संबंधित है?

(A) कर्मयोग

(B) ज्ञानयोग

(C) भक्तियोग

(D) उपर्युक्त सभी

उत्तर- (D) उपर्युक्त सभी

2. परम पुरुषार्थ?

(A) अर्थ है

(B) अर्थ है

(C) काम है

(D) मोक्ष है

उत्तर- (D) मोक्ष है

3. बुद्ध के अनुसार दुःख का मूल कारण है ?

(A) अविधा

(B) अज्ञान

(C) लालसा

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर- (C) लालसा

4. बौद्ध दर्शन के प्रवर्तक हैं?

(A) पंतजलि

(B) गौतम बुद्ध

(C) गौतम

(D) निम्बार्क

उत्तर- (B) गौतम बुद्ध

5. किस विद्वान् ने नाथ संप्रदाय को नवीन नाम अवधूत संप्रदाय दिया था?

(A) हजारी प्रसाद द्विवेदी

(B) डॉ. नागेंद्र

(C) आचार्य रामचंद्र शुक्ल

(D) राहुल सांकृत्यायन

उत्तर- (A) हजारी प्रसाद द्विवेदी

6. ‘नौ लख पातरि आगे नीचे, पीछे सहज अखाड़ा’ किसने कहा?

(A) चौरंगी नाथ

(B) चर्पटनाथ

(C) जालंधरनाथ

(D) गोरखनाथ

उत्तर- (D) गोरखनाथ

7. किस पंथ से भक्तिकाल के संत मत का विकास माना जाता है?

(A) बौद्ध संप्रदाय

(B) जैन संप्रदाय

(C) नाथ संप्रदाय

(D) बौद्ध संप्रदाय

उत्तर- (C) नाथ संप्रदाय

8. आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार गोरखनाथ किस सदी में हुए थे?

(A) 11वीं सदी

(B) 9वीं सदी

(C) 15वीं सदी

(D) 13वीं सदी

उत्तर- (A) 11वीं सदी

9. सिद्धों की साधना में शून्य का पूरक तत्त्व क्या है?

(A) वज्र

(B) ज्ञान

(C) अग्नि

(D) चित्र

उत्तर- (B) ज्ञान

10. ‘शिष्यादर्शन’ किसकी रचना है?

(A) चर्पटनाथ

(B) गोरखनाथ

(C) राहुल सांकृत्यायन

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (B) गोरखनाथ

11. ‘पंद्रह तिथि’ किसकी रचना है?

(A) मैथलीशरण गुप्त

(B) कबीर

(C) रैदास

(D) गोरखनाथ

उत्तर- (D) गोरखनाथ

12. ‘रोमावली’ की रचना किसने की?

(A) गोरखनाथ

(B) रैदास

(C) महेन्द्रनाथ

(D) कबीर

उत्तर- (A) गोरखनाथ

13. ‘हठप्रदीपिका’ के लेखक है?

(A) हजारी प्रसाद द्विवेदी

(B) स्वात्मारामा

(C) आचार्य रामचंद्र शुक्ल

(D) ब्रह्मनंद

उत्तर- (B) स्वात्मारामा

14. नाथ संप्रदाय के आदिनाथ हैं?

(A) शिव

(B) इंद्र

(C) विष्णु

(D) सूर्य

उत्तर- (A) शिव

15. सिद्धों का संबंध किससे है?

(A) नाथ पंथ

(B) शैवमत

(C) जैनमत

(D) बौद्धमत

उत्तर- (D) बौद्ध मत

16. किसका संबंध नाथ पंथ से है?

(A) वैराग पंथ

(B) कौलमत

(C) अवधूत सम्प्रदाय

(D) उपर्युक्त सभी

उत्तर- (D) उपर्युक्त सभी

17. नाथ पंथ की कौन सी विशेषताओं ने भक्तिकाल के संतकाव्य को प्रभावित किया?

(A) मूर्तिपूजा का विरोध

(B) गुरुमहिमा

(C) उपर्युक्त दोनों

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (C) उपर्युक्त दोनों

18. हिंदी साहित्य की किस काव्यधारा पर सिद्ध और नाथ साहित्य का सर्वाधिक प्रभाव दृष्टिगोचर होता है?

(A) संतकाव्य

(B) रीतिकाव्य

(C) रामकृष्ण काव्य

(D) सूफी काव्य

उत्तर- (A) संतकाव्य

19. सिद्धों और नाथों में किस बात को लेकर मतभेद था?

(A) जातिपात का खंडन

(B) साधना में नारीभोग

(C) तीर्थाटन और कर्मकांड का विरोध

(D) कान में बड़े-बड़े छेद करके उनमें कुण्डल धारण करना

उत्तर- (C) तीर्थाटन और कर्मकांड का विरोध

20. सिद्ध साहित्य में अपभ्रंश भाषा का कौन सा रूप मिलता है?

(A) मागधी

(B) महाराष्ट्र

(C) पैसे का

(D) अर्धमागधी

उत्तर- (D) अर्धमागधी

21. किसने षट्चक पद्धति आरंभ की?

(A) जालंधरनाथ

(B) गोरखनाथ

(C) चर्पटीनाथ

(D) मछेंद्रनाथ

उत्तर- (B) गोरखनाथ

22. नाथ साहित्य है?

(A) पद्य में

(B) संवाद रूप में

(C) नाटक रूप में

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (B) संवाद रूप में

23. हजारी प्रसाद द्विवेदी ने पूरनभगत किसे कहा है?

(A) गोरखनाथ

(B) चर्पटनाथ

(C) चौरंगीनाथ

(D) जालंधर नाथ

उत्तर- (C) चौरंगीनाथ

24. हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार मछेंद्रनाथ किस जाति के थे?

(A) ब्राह्मण

(B) क्षत्रिय

(C) मछुआरा

(D) वैश्य

उत्तर- (C) मछुआरा

25. निम्न में से कौन गोरखनाथ द्वारा रचित है?

(A) द रिलीजन ऑफ मैन

(B) लाइफ डिवाइन

(C) गीता रहस्य

(D) सिद्ध सिद्धांत पद्धति

उत्तर- (D) सिद्ध सिद्धांत पद्धति

26. ‘हठयोग प्रदीपिका’ के लेखक हैं?

(A) गोरखनाथ

(B) योगींद्र स्वात्माराम

(C) मत्स्येंद्रनाथ

(D) नेमिनाथ

उत्तर- (B) योगींद्र स्वात्माराम

27. ‘योगबीज’ के प्रेणता हैं-

(A) गोरखनाथ

(B) योगीन्द्र स्वात्माराम

(C) मत्स्येन्द्रनाथ

(D) नेमिनाथ

उत्तर- (A) गोरखनाथ

28. ‘गोरक्षशतक’ किसने लिखा?

(A) नेमिनाथ

(B) आदिनाथ

(C) गोरक्षनाथ

(D) चर्पटीनाथ

उत्तर- (C) गोरक्षनाथ

29. ‘गोरक्ष पद्धति’ संबंधित है?

(A) जैन योग से

(B) बौद्ध परंपरा से

(C) गोरक्षनाथ परंपरा से

(D) वेदांत योग से

उत्तर- (C) गोरक्षनाथ परंपरा से

30. ‘अमनस्कयोग’ संबंधित है?

(A) बौद्ध परंपरा से

(B) जैन परंपरा से

(C) सिद्ध परंपरा से

(D) नाथ परंपरा से

उत्तर- (D) नाथ परंपरा से

31. ‘घरेण्ड संहिता’ के रचयिता हैं?

(A) गोरखनाथ

(B) मत्स्येंद्र नाथ

(C) महर्षि घरेण्ड

(D) श्री अरबिंद

उत्तर- (C) महर्षि घरेण्ड

32. ‘विवेक मार्तंड’ संबंधित हैं?

(A) जैन परंपरा से

(B) सिद्ध परंपरा से

(C) नाथपंथ परंपरा से

(D) बौद्ध परंपरा से

उत्तर- (C) नाथपंथ परंपरा से

33. ‘द फिलासफी ऑफ गोरखनाथ’ के लेखक हैं?

(A) हजारी प्रसाद द्विवेदी

(B) परमानंद श्रीवास्तव

(C) अक्षय कुमार बनर्जी

(D) राधाकृष्णन

उत्तर- (C) अक्षय कुमार बनर्जी

34. धर्म अपने सामान्यतम नैतिक अर्थ में व्यक्त करता है?

(A) वैदिक अनुष्ठान

(B) सदाचार

(C) वर्ण आश्रम धर्म

(D) दीवानी और आपराधिक

उत्तर- (B) सदाचार

35. ‘अहिंसा परमो धर्म’ का कथन मिलता है?

(A) जैन धर्म ग्रंथों में

(B) बौद्ध धर्म ग्रंथों में

(C) महाभारत में

(D) वेदों में

उत्तर- (C) महाभारत में

36. वेद नौतिक सिद्धांत को पहचानने वाले ग्रंथ हैं जो उनकी-?

(A) देवी देवताओं की प्रार्थना में व्यक्त होता है।

(B) गृहस्थ के लिए धार्मिक कृत्य की व्यवस्था में व्यक्त है।

(C) यज्ञादि की व्यवस्था में व्यक्त है।

(D) ऋण की मान्यता में व्यक्त है।

उत्तर- (C) यज्ञादि की व्यवस्था में व्यक्त है।

37. विशेष धर्म का निर्धारण?

(A) केवल वर्ण से होता है

(B) केवल आश्रम से होता है

(C) वर्ण आश्रम से होता है

(D) धर्म

उत्तर- (A) केवल वर्ण से होता है

38. साधारण धर्म?

(A) जन के लिए है

(B) सन्यासियों के लिए है

(C) ब्राह्मणों के लिए है

(D) सभी के लिए है

उत्तर- (D) सभी के लिए है

39. गोरखनाथ के अनुसार?

(A) विश्व सत्य है

(B) विश्व असत्य है

(C) विश्व सत्य और मिथ्या है

(D) उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर- (B) विश्व असत्य है

40. नाथयोग में शाम्भवी एक?

(A) आसन है

(B) प्राणायाम है

(C) मुद्रा है

(D) बंध है

उत्तर- (C) मुद्रा है

महत्त्वपूर्ण FAQ

1. नाथपंथ क्या है?

नाथपंथ मध्यकालीन भारत की एक महत्त्वपूर्ण धार्मिक एवं योग-साधना परंपरा है, जिसने योग, हठयोग, आत्मसंयम और आध्यात्मिक साधना पर विशेष बल दिया। इसका उद्देश्य साधना के माध्यम से आत्मज्ञान और आध्यात्मिक मुक्ति की प्राप्ति करना था। नाथपंथ ने जाति, बाहरी आडंबर और कर्मकांड की अपेक्षा व्यक्तिगत साधना और योग को अधिक महत्त्व दिया।

2. नाथपंथ के प्रमुख गुरु कौन थे?

नाथपंथ की परंपरा में मत्स्येंद्रनाथ और गोरखनाथ को प्रमुख गुरु माना जाता है। विशेष रूप से गोरखनाथ ने नाथपंथ के विस्तार और संगठन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके उपदेशों और योग-साधना की परंपरा का प्रभाव उत्तर भारत सहित भारत के अनेक क्षेत्रों में देखने को मिलता है।

3. नाथपंथ की प्रमुख शिक्षाएँ क्या थीं?

नाथपंथ में हठयोग, प्राणायाम, ध्यान, आत्मसंयम और गुरु की महत्ता पर विशेष बल दिया गया। नाथ योगियों का मानना था कि शरीर और मन को अनुशासित करके साधक अपने भीतर की आध्यात्मिक शक्ति को जागृत कर सकता है। उन्होंने बाहरी आडंबरों की अपेक्षा आंतरिक साधना और आत्मानुभूति को महत्त्व दिया।

4. नाथपंथ का भारतीय समाज पर क्या प्रभाव पड़ा?

नाथपंथ ने मध्यकालीन भारतीय समाज में सामाजिक और धार्मिक चेतना के प्रसार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाथ योगियों ने विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करके अपनी शिक्षाओं का प्रचार किया और स्थानीय भाषाओं में आध्यात्मिक विचारों को लोकप्रिय बनाया। उनकी परंपरा ने विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों को प्रभावित किया तथा आगे चलकर भक्ति और संत परंपराओं पर भी इसका प्रभाव पड़ा।

5. नाथपंथ का भारतीय संस्कृति में क्या योगदान था?

नाथपंथ ने योग, हठयोग, लोकभाषा के साहित्य और आध्यात्मिक साधना के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। नाथ साहित्य में शरीर, मन, गुरु, योग और आत्मज्ञान से संबंधित विचार मिलते हैं। गोरखनाथ से संबंधित रचनाओं और परंपराओं ने उत्तर भारत की लोक-संस्कृति तथा धार्मिक साहित्य को व्यापक रूप से प्रभावित किया।

error: Content is protected !!
Scroll to Top