पश्चिमी गंग राजवंश (Western Ganga Dynasty)
पश्चिमी गंग राजवंश (लगभग 350–1004 ई.) पश्चिमी गंग राजवंश, जिसे तलकाड के गंग अथवा गंगवाड़ी
पश्चिमी गंग राजवंश (लगभग 350–1004 ई.) पश्चिमी गंग राजवंश, जिसे तलकाड के गंग अथवा गंगवाड़ी
पल्लव प्रशासन पल्लवों ने अपने लगभग 600 वर्षों के शासनकाल (लगभग 275-907 ई.) में दक्षिण
परमार भोज (1010-1055 ई.) राजा भोज परमार (1010-1055 ई.) की गणना प्राचीन भारत के सबसे
वाक्पति द्वितीय ‘मुंजराज’ (974-995 ई.) वाक्पति द्वितीय ‘मुंजराज’ (974-995 ई.) परमार वंश के शक्तिशाली शासक
नरसिंहवर्मन द्वितीय (695-722 ई.) परमेश्वरवर्मन प्रथम के पश्चात्, लगभग 695 ई. में उसके पुत्र नरसिंहवर्मन
परमेश्वरवर्मन प्रथम (670-695 ई.) परमेश्वरवर्मन प्रथम (670-695 ई.) महेंद्रवर्मन द्वितीय का पुत्र और पल्लव वंश
नंदिवर्मन तृतीय (846-869 ई.) नंदिवर्मन तृतीय (846-869 ई.) पल्लव वंश का अंतिम शक्तिशाली शासक था,
दंतिवर्मन (796-847 ई.) नंदिवर्मन द्वितीय का पुत्र दंतिवर्मन (796-847 ई.), जो राष्ट्रकूट राजकुमारी रेवा से
नंदिवर्मन द्वितीय (730–796 ई.) परमेश्वरवर्मन द्वितीय की मृत्यु के बाद पल्लव राज्य में राजनीतिक संकट