जैन दर्शन में बंधन और मोक्ष (Bondage and Moksha in Jain Philosophy)
बंधन और मोक्ष प्रायः सभी भारतीय दर्शनों में बंधन का अर्थ निरंतर जन्म ग्रहण करना […]
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जैन चतुर्विध-संघ:श्वेतांबर और दिगंबर अनुशासित समूह को ‘संघ’ कहते हैं। संघ के कुछ नियम-अनुबंध तथा