बौद्ध धर्म के प्रमुख संप्रदाय (Major Sects of Buddhism)

तथागत बुद्ध के निर्वाण के बाद छः विश्व बौद्ध-सम्मेलनों के अलावा समय-समय पर विभिन्न बौद्ध देशों- श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड और तिब्बत में संगीतियों…

जैन दर्शन में ज्ञान मीमांसा (Epistemology in Jain Philosophy)

व्यवहार की दृष्टि से ज्ञान का अर्थ जानना, समझना या परिचित होना होता है। प्रत्येक प्राणी अपने इंद्रियों के द्वारा ज्ञान प्राप्त करता…

चंद्रगुप्त द्वितीय ‘विक्रमादित्य’ (Chandragupta II “Vikramaditya”)

चंद्रगुप्त द्वितीय समुद्रगुप्त की प्रधान महिषी दत्तदेवी से उत्पन्न हुआ था। गुप्त अभिलेखों से लगता है कि समुद्रगुप्त की मृत्यु के उपरांत चंद्रगुप्त…

रामगुप्त की ऐतिहासिकता (Historicity of Ramgupta)

रामगुप्त की ऐतिहासिकता गुप्त अभिलेखों में उल्लिखित वंश-तालिका में समुद्रगुप्त के बाद चंद्रगुप्त द्वितीय का नाम मिलता है। पहले इतिहासकारों का विचार था…

समुद्रगुप्त ‘पराक्रमांक’ (Samudragupta ‘Parakramank’)

चंद्र्गुप्त प्रथम के बाद 335 ई. में समुद्रगुप्त गुप्तवंश का शासक हुआ। समुद्रगुप्त के संबंध में हरिषेण के रचित प्रयाग-प्रशस्ति से जानकारी मिलती…

हड़प्पा सभ्यता : कला-स्थापत्य एवं धार्मिक जीवन (Harappan Civilization : Art-Architecture and Religious Life)

हड़प्पा सभ्यता की नगर बस्तियाँ चार विभिन्न इकाइयों में विभक्त थीं- केंद्रीय राजधानी, प्रांतीय राजधानियाँ, व्यावसायिक नगर और दुर्गरक्षित बस्तियाँ। नगर निश्चित योजनानुसार…

हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख तत्त्व : नगर-निर्माण योजना एवं समाजार्थिक जीवन (Key Elements of Harappan Civilization: City-building Planning and Socio-economic life)

हड़प्पा सभ्यता की सबसे प्रमुख विशेषता विकसित नगर-निर्माण योजना थी। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, चांहूदड़ो, लोथल, कालीबंगा और बनावली जैसे छः हड़प्पाई स्थल हैं जिनकी…

भारत में प्राक्-हड़पाई ग्रामीण संस्कृतियाँ (Pre-HarappanCultures)

नवपाषाणकालीन संस्कृति की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता थी- गैर-धात्विक उपकरण और कृषि की जानकारी के साथ ग्रामीण जीवन का विकास। मानव ने सर्वप्रथम जिस…

गुप्त राजवंश और चंद्रगुप्त प्रथम (Gupta Dynasty and Chandragupta I)

गुप्त राजवंश अपने उत्त्कर्ष-काल में पश्चिम में गुजरात से लेकर पूरब में बंगाल तक प्रसरित था। गुप्त शासकों ने कुषाणों, शकों का उन्मूलन…